Palanhar Yojana कई बार जीवन में परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं जब बच्चे अपने माता-पिता के सहारे से वंचित हो जाते हैं। इस स्थिति में उनकी देखभाल, शिक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना परिवार और समाज, दोनों के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे बच्चों की मदद के लिए सरकार ने पालनहार योजना शुरू की है, जिसके तहत उन्हें पारिवारिक माहौल में पाला-पोसा जाता है और जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
पालनहार योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सहयोग देना है, जिनके माता-पिता या तो नहीं हैं या उनकी देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं। इस योजना के अंतर्गत 0 से 5 साल तक के बच्चों को हर महीने ₹750 और 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों को ₹1500 की मासिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा कपड़े, जूते, स्वेटर जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए सालाना ₹2000 की अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे बच्चे अपनी पढ़ाई और जरूरत की चीजें आसानी से पूरी कर पाते हैं।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
योजना का लाभ उन्हीं बच्चों को मिलेगा जो राज्य के स्थायी निवासी हैं और जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय निर्धारित सीमा के अंदर है। अनाथ बच्चे, तलाकशुदा महिलाओं के बच्चे या ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं, पात्र हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आंगनबाड़ी में पंजीकरण जरूरी है, जबकि 6 साल या उससे अधिक आयु के बच्चों का स्कूल में दाखिला होना आवश्यक है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ पाने के लिए कुछ दस्तावेज अनिवार्य हैं, जिनमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आंगनबाड़ी या स्कूल में प्रवेश का प्रमाण, भामाशाह कार्ड और यदि लागू हो तो विधवा या तलाक का प्रमाण पत्र शामिल है।
आवेदन करने की प्रक्रिया
पालनहार योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें। फॉर्म को A4 साइज पेपर पर प्रिंट करके सभी जरूरी विवरण सही-सही भरें। मांगे गए दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्न करें और इसे विभागीय जिला अधिकारी, संबंधित विकास अधिकारी या नजदीकी ई-मित्र केंद्र में जमा करें। आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र बच्चों के खाते में हर महीने योजना की राशि सीधे भेज दी जाएगी।
गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए बड़ा सहारा
पालनहार योजना न केवल आर्थिक सहयोग देती है, बल्कि यह बच्चों को समाज के मुख्यधारा में बनाए रखने में मददगार साबित होती है। सही समय पर आवेदन करने से जरूरतमंद बच्चे इस योजना का लाभ पाकर अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।